Thursday, November 26, 2015

देश का पहला 100 फीसदी ऑर्गेनिक /   जैविक खेती का राज्य बना सिक्किम

सिक्किम देश का पहला और इकलौता 100% ऑर्गेनिक राज्य बन चुका है।

    सिक्किम देश का पहला ऐसा राज्य है जहां पूर्ण रूप से जैविक खेती की जाती है।

      यानी खेती के लिए वहां रासायनिक खाद्य का इस्तेमाल नहीं किया जाता।

       ये ना सिर्फ सिक्किम के किसानों के लिए 21वीं सदी में एक क्रांतिकारी कदम साबित हुआ है बल्कि जैविक खेती की मदद से सिक्किम की मिट्टी भी फिल्मी गाने की तरह सोना और हीरे मोती उगल रही है। जैविक खेती से जुड़ी हुई कुछ ज़रूरी बातें-

*जैविक खेती से भूमि की उपजाऊ शक्ति बढ़ती है।

*पर्यावरण के लिए भी जैविक खेती बहुत फायदेमंद होती है।

*जैविक भोजन, स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होने के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन को रोकने में भी मददगार साबित होता है।

*सिक्किम देश का पहला ऐसा राज्य है जिसने वर्ष 2003 में जैविक खेती के मॉडल को अपनाया था।

*सिक्किम में रासायनिक खाद का प्रयोग वर्जित है और ऐसा करने पर जेल और जुर्माना दोनों का प्रावधान है।

*अगर कोई किसान ऐसा करता पाया जाता है या रासायनिक खाद बेचता हुआ पकड़ा जाता है तो उसे 3 महीने की जेल और 25 हज़ार रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है।

**गोमूत्र और गोबर ने दिया कृषि को नया आयाम

     पिछले कुछ दिनों से हमारे देश में गाय एक राजनीतिक पशु बनकर रह गई है जिसकी मदद से तमाम राजनीतिक दल वोटों का दोहन करने की जी-तोड़ कोशिशें कर रहे हैं।

*डीएनए में पिछले महीने की 21 तारीख को राजनीतिशास्त्र के साथ-साथ गाय के अर्थशास्त्र और समाजशास्त्र का सौ फीसदी शुद्ध और पवित्र डीएनए टेस्ट भी किया गया था लेकिन आज यह बताया जाएगा कि कैसे गोमूत्र और गोबर की मदद से सिक्किम के किसानों ने कृषि को एक नया आयाम दिया है। सिक्किम का किसान अब ग़रीब नहीं है।
दो से ढाई लाख रुपये खर्च करके सिक्किम के किसान सालाना 6 से 7 लाख रुपयों की कमाई करते हैं और आसानी से 4 से 5 लाख रुपयों की बचत भी करते हैं।

    इसलिए किसानों के हित से जुड़ी इस ख़बर को प्राथमिकता देना हम अपना फर्ज़ समझते हैं ताकि देश का हर किसान सिक्किम से सीख लेते हुए सुखी, सुरक्षित और खुशहाल जीवन जीने की तरफ कदम बढ़ा सके।

**कृषि में रसायन का इस्तेमाल हानिकारक

*भारत दुनिया में कृषि रसायनों का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है।

*यहां रासायनिक खाद और कीटनाशकों की वजह से ज़मीन की गुणवत्ता और उर्वरता यानी उपजाऊ शक्ति घट रही है।

*इनके दुष्प्रभावों से मनुष्यों और पशु-पक्षियों का जीवन, पानी और पर्यावरण भी असुरक्षित हो रहा है।

*इन कीटनाशकों के इस्तेमाल से मनुष्य के स्वास्थ्य को नुकसान की घटनाएं आम हो गयी हैं।

*उदाहरण के तौर पर केरल में एन्डोसल्फान इन्सेक्टिसाइड के इस्तेमाल से किसानों का स्वास्थ्य खराब हो गया था।

           आपको बता दें कि केरल में जो मजदूर कीटनाशक के छिड़काव का काम करते हैं उन्हें छिड़काव की वजह से होने वाली बीमारी पर हर रोज़ अपनी मजदूरी का लगभग एक-चौथाई हिस्सा खर्च करना पड़ रहा था जिसके बाद केरल सरकार ने इसके इस्तेमाल और बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया।

               इसी तरह दक्षिण पंजाब में अबोहर से बीकानेर तक जाने वाली ट्रेन को लोगों ने ‘कैंसर-एक्सप्रेस’ का नाम दे दिया है।

इस स्टेशन से हर रोज़ कैंसर के लगभग 100 मरीज़ इलाज के लिए पंजाब से बीकानेर जाते हैं और इसकी सबसे बड़ी वजह है रासायनिक खाद और कीटनाशकों का ज़बरदस्त इस्तेमाल।

             रासायनिक खाद और कीटनाशक के इस्तेमाल से होने वाली इन गंभीर समस्याओं से निपटने के लिए ही सिक्किम ने जैविक खेती को बढ़ावा देने की पहल शुरू की।

   आपको बता दूं कि सिक्किम के कुल भू-भाग की सिर्फ 10.2 प्रतिशत ज़मीन पर ही खेती की जाती है बाकी का इलाका जंगल का है।

    सिक्किम में 74 हज़ार 303 हेक्टेयर ज़मीन पर जैविक खेती की जाती है।

और वहां 64 हज़ार से ज़्यादा किसान जैविक खेती करते हैं।

       सिक्किम में राज्य सरकार ने 15 अगस्त 2010 को सिक्किम ऑर्गेनिक मिशन लॉन्च किया था जिसका मकसद था।

         सिक्किम में जैविक खेती को बढ़ावा देने और रासायनिक खाद को बैन करने के लिए सरकार ने वर्ष 2004 से हर साल केमिकल फर्टिलाइजर्स पर मिलने वाली सब्सिडी को 10 प्रतिशत कम करना शुरू कर दिया।

    ऐसी दुकानों को बंद कर दिया गया जहां से रसायनिक खाद और कीटनाशक खरीदे जाते थे।

        सिक्किम से सबक लेते हुए देश के दूसरे हिस्सों में भी जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।

                  भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद यानी आईसीएआर जैविक खेती को लेकर एक प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है जिसकी मदद से देश के 16 अलग-अलग राज्यों में जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।

      फिलहाल भारत के अलग-अलग राज्यों में क़रीब 7 लाख 23 हज़ार हेक्टेयर ज़मीन पर जैविक खेती की जा रही है जिसमें से सिर्फ सिक्किम में 74 हज़ार हेक्टेयर से ज़्यादा ज़मीन पर जैविक खेती की जा रही है।
Source - www. Greenplanetindia

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